यूपी और उत्तराखंड में सियासी ताकत दिखाने की तैयारी में बसपा, मायावती ने 5 नवंबर को बुलाई अहम बैठक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 5 नवंबर को लखनऊ में वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद समेत प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही 6 दिसंबर को लखनऊ में प्रस्तावित बड़ी रैली को लेकर भी पार्टी के नेता योजना तैयार करेंगे।
5 नवंबर की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
मायावती की ओर से बुलाई गई इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सभी जिलों के अध्यक्ष और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को बुलाया गया है।
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को फिर से मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। ऐसे में बैठक में जिलेवार तैयारियों की जानकारी ली जा सकती है। अलग-अलग जिलों में पार्टी की स्थिति और चुनावी कामकाज की भी समीक्षा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा पार्टी के नेताओं को आगामी कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। खास तौर पर गांव, कस्बों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।
6 दिसंबर को लखनऊ में बड़ी रैली की तैयारी
बसपा की इस बैठक का एक बड़ा मुद्दा 6 दिसंबर को प्रस्तावित रैली भी है। पार्टी इस दिन लखनऊ में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है।
इस रैली के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं को बुलाने की योजना है। बैठक में रैली की तैयारियों, लोगों की भागीदारी और कार्यक्रम की व्यवस्था पर चर्चा हो सकती है।
6 दिसंबर का दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। बसपा भी इस मौके पर राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करती रही है।
हालांकि, लखनऊ की प्रस्तावित रैली के अंतिम कार्यक्रम और व्यवस्था को लेकर पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
आकाश आनंद को भी मिली अहम जिम्मेदारी
मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका दी है। उन्हें उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और उत्तराखंड में भी पार्टी का प्रचार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आकाश आनंद 2 नवंबर को सहारनपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर में उनके कार्यक्रम तय हैं।
इसके अलावा 26 नवंबर को पंजाब में संविधान दिवस के कार्यक्रम में भी वह शामिल होंगे। 6 दिसंबर को उत्तराखंड के हरिद्वार में भी उनके एक कार्यक्रम की जानकारी सामने आई है।
उत्तराखंड में भी बसपा ने तेज की तैयारी
उत्तर प्रदेश के साथ बसपा उत्तराखंड में भी अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रही है। पार्टी की नजर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। इसी को देखते हुए वहां संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।
हरिद्वार में आकाश आनंद का कार्यक्रम भी इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि उत्तराखंड में भी अपने कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क बढ़ाया जाए और आने वाले चुनाव के लिए संगठन को तैयार किया जाए।
2027 के चुनाव पर मायावती की नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा का पुराना प्रभाव रहा है। मायावती के नेतृत्व में पार्टी ने 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। हालांकि, इसके बाद पार्टी का चुनावी प्रदर्शन लगातार कमजोर हुआ है।
2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को 19 सीटें मिली थीं, जबकि 2022 के चुनाव में पार्टी केवल एक सीट जीत सकी थी।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। पार्टी की बैठकों और जनसभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।
5 नवंबर को लखनऊ में होने वाली बैठक और दिसंबर में प्रस्तावित कार्यक्रमों से यह साफ है कि बसपा आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी कर रही है।











