आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, गाजियाबाद कोर्ट में ईडी ने किया था पेश; अब डासना जेल जाएंगे
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां को रविवार, 1 नवंबर 2026 को बड़ा झटका लगा। गाजियाबाद की विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आजम खां को अदालत में पेश किया था। अदालत के आदेश के बाद अब उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जाएगा।
आजम खां को यह कार्रवाई उस समय झेलनी पड़ी, जब वह करीब 11 महीने बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से बाहर आए थे। लेकिन जेल से रिहाई के कुछ ही समय बाद ईडी की टीम ने उन्हें एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है।
रामपुर जेल से बाहर आते ही ईडी ने किया गिरफ्तार
आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा हुए थे। दोनों को दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने और इस्तेमाल करने के मामले में सजा सुनाई गई थी।
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आजम खां की 10 साल की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था।
लेकिन शनिवार शाम जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने आजम खां को हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसी उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित पैसों के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
गाजियाबाद कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी
रविवार सुबह ईडी की टीम आजम खां को लेकर गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत पहुंची। उनकी पेशी को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
आजम खां को अदालत ले जाने के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद थे। मीडिया के कई लोग और उनके समर्थक भी कोर्ट परिसर के आसपास जुटे रहे।
अदालत में ईडी की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए हिरासत की मांग रखी गई। सुनवाई के बाद अदालत ने आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है पूरा मामला
ईडी की जांच का मुख्य केंद्र रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट का कामकाज है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और उससे जुड़े दूसरे कामों में सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया गया। एजेंसी पैसों के लेन-देन, जमीन की खरीद और निर्माण कार्य में इस्तेमाल हुई रकम के स्रोत की जांच कर रही है।
ईडी का कहना है कि इस मामले में वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका है। इसी सिलसिले में आजम खां से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है।
अब डासना जेल में रहेंगे आजम खां
गाजियाबाद की विशेष अदालत के आदेश के बाद आजम खां को डासना जिला जेल भेजा जाएगा। इससे पहले वह रामपुर जिला जेल में बंद थे।
फिलहाल उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी आने वाले एक-दो दिनों में अदालत से आजम खां की पूछताछ के लिए अलग से हिरासत मांग सकती है। इसके लिए उसे दोबारा अदालत में आवेदन करना होगा।
अगर अदालत ईडी की मांग स्वीकार करती है तो एजेंसी उनसे जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में आगे पूछताछ कर सकेगी।
आजम खां की गिरफ्तारी पर सियासत भी तेज
आजम खां की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा नेताओं की ओर से कानून के तहत हो रही कार्रवाई बताया गया है।
इस पूरे मामले में अब सबकी नजर आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। खास तौर पर यह देखना होगा कि ईडी कब अदालत में पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करती है और अदालत इस पर क्या फैसला देती है।
करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खां की रिहाई के तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजने का आदेश दिया गया है।











