akhilesh yadav in varanasi

वाराणसी में अखिलेश यादव का बड़ा बयान, सपा सरकार बनी तो काशी में दौड़ेगी मेट्रो, बनेगा वरुणा रिवर फ्रंट

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के दिवंगत पदाधिकारी राजेश यादव के आवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने गंगा की सफाई, काशी के विकास, ट्रैफिक जाम, मेट्रो परियोजना, एमएलसी चुनाव, ईवीएम और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कई अहम बयान दिए।

मां गंगा को बुलाने वालों ने ही मां गंगा को भुला दिया: अखिलेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिन्होंने मां गंगा को बुलाया था, उन्होंने ही मां गंगा को भुला दिया। उन्होंने काशी में विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने वाराणसी को जापान के शहर क्योटो की तर्ज पर विकसित करने का सपना दिखाया था, लेकिन वह सपना पूरा नहीं हो सका।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर काशी को क्योटो नहीं बना पाए तो कम से कम क्योटो की तस्वीर या होर्डिंग ही लगा देते। अखिलेश ने कहा कि वाराणसी में आज भी लोगों को ट्रैफिक जाम, खराब सड़कों, जलभराव और बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाना सरकार के विकास के दावों पर सवाल खड़े करता है।

एमएलसी चुनाव में जीत को बताया बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद

वाराणसी में विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत पर अखिलेश यादव ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार को वाराणसी में डबल हार का सामना करना पड़ा है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद समाजवादी पार्टी को दोहरा मिला है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 में वाराणसी की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। अखिलेश यादव ने इस जीत को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत बताया।

सपा सरकार बनी तो काशी में दौड़ेगी मेट्रो

वाराणसी के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी का विजन भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो काशीवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लगभग 11 साल पहले समाजवादी पार्टी की सरकार ने वाराणसी में मेट्रो चलाने की योजना तैयार की थी। उनकी सरकार बनने पर इस परियोजना को जमीन पर उतारने और काशी में मेट्रो सुविधा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। अखिलेश ने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जरूरी है।

वरुणा नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट, सफाई का किया वादा

अखिलेश यादव ने वरुणा नदी को लेकर भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वरुणा रिवर फ्रंट परियोजना को शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को दिखाया जाएगा कि शहर के बीच से बहने वाली नदी को किस तरह साफ-सुथरा और सुंदर बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने काशी के विकास को लेकर जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने का काम किया जाएगा। उनके मुताबिक, वाराणसी को केवल बड़े-बड़े दावों और प्रचार से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर नागरिक सुविधाएं बेहतर करके विकसित किया जा सकता है।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर जताई नाराजगी

धीरेंद्र शास्त्री के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द होने चाहिए। उनके अनुसार, इस तरह के बयानों से सनातन धर्म का अपमान हुआ है।

उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े बयानों पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि जो सरकार बुलडोजर लेकर घूमती है, उसे ऐसे मामलों में भी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं और भगवान श्रीकृष्ण तथा भगवान श्रीराम से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के ईवीएम से जुड़े बयान पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने जो पक्ष रखा है, वह ठीक है। हालांकि समाजवादी पार्टी का रुख स्पष्ट है कि देश में चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि ईवीएम के माध्यम से समाजवादी पार्टी सभी 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रहेगी। उन्होंने विदेशों में बैलेट पेपर से मतदान का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है।

भाजपा को बताया अराजकता का कारण, ओपी राजभर पर भी कसा तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा और भाजपा की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी खुद अराजकता का कारण बन गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस संकट को दूर करने का एक ही रास्ता है- भाजपा हटाओ।

ओपी राजभर के ‘हमसे बड़ा गुंडा नहीं है’ वाले बयान पर भी अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो कैबिनेट की बैठकों में नहीं जाते, वहां उनसे बड़े लोग भी दिखाई देंगे।

पीडीए को लेकर बोले- सभी को जोड़ना चाहते हैं

पीडीए से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुजन हितों की बात करती है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहती है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य समाज के पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और शोषित वर्गों को एकजुट करना है।

काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भगवान कण-कण में हैं और वह बाबा विश्वनाथ के कई बार दर्शन कर चुके हैं।

अखिलेश यादव के इस दौरे को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। काशी में मेट्रो, रिवर फ्रंट और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए गए उनके वादों के जरिए पार्टी ने भाजपा के विकास मॉडल को चुनौती देने का प्रयास किया है।