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बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश के नियम सख्त, सेवाधिकारी के बाद ही श्रद्धालुओं को मिलेगी एंट्री

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने साफ किया है कि निर्धारित समय से पहले किसी भी श्रद्धालु या सेवायत के यजमान को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। केवल ठाकुरजी की सेवा से जुड़े सेवाधिकारी ही निर्धारित समय पर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।

समिति ने यह फैसला मंदिर परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया है। अब तक सुबह दर्शन शुरू होने से काफी पहले ही कुछ सेवायत अपने यजमानों को मंदिर में ले आते थे। इससे सफाई कर्मचारियों को परेशानी होती थी और मंदिर की नियमित व्यवस्थाएं प्रभावित होती थीं।

सुबह 6 बजे से पहले श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक

नई व्यवस्था के अनुसार, सुबह 6 बजे से पहले किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ठाकुरजी की सेवा करने वाले संबंधित सेवाधिकारी को सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी।

पहले कुछ सेवायत सुबह करीब 5 बजे से ही अपने यजमानों को मंदिर के अंदर ले जाते थे। वहां देहरी पूजन और दूसरी धार्मिक गतिविधियां कराई जाती थीं। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

समिति का कहना है कि मंदिर में सफाई और अन्य जरूरी काम समय पर पूरे हों, इसके लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश निर्धारित समय के बाद ही कराया जाएगा।

दोपहर 4 बजे से पहले भी नहीं मिलेगा प्रवेश

प्रबंधन समिति ने केवल सुबह ही नहीं, बल्कि दोपहर के समय भी प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया है। अब दोपहर 4 बजे से पहले किसी श्रद्धालु या सेवायत के यजमान को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा।

मंदिर में दोपहर के समय ठाकुरजी के विश्राम और अन्य व्यवस्थाओं के लिए कपाट बंद रहते हैं। इस दौरान सफाई और जरूरी काम किए जाते हैं। पहले इस अवधि में भी कुछ यजमानों को प्रवेश मिल जाता था, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है।

समिति अध्यक्ष अशोक कुमार के अनुसार, सुबह और दोपहर के निर्धारित समय से पहले केवल संबंधित सेवाधिकारी को ठाकुरजी की सेवा के लिए प्रवेश मिलेगा।

VIP दर्शन के लिए भी लागू हुआ पर्ची सिस्टम

मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब सेवायत गोस्वामियों के यजमानों और पुलिस के साथ आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को भी बिना पंजीकरण के VIP प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा।

इसके लिए मंदिर के एग्जिट गेट नंबर-4 के पास विशेष काउंटर बनाया गया है। यहां दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है। एक कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों का पंजीकरण करेगा, जबकि दूसरा सेवायत गोस्वामियों के यजमानों का रजिस्ट्रेशन कर पर्ची जारी करेगा।

पर्ची मिलने के बाद ही संबंधित श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के तहत VIP दर्शन कर सकेंगे। इसका उद्देश्य विशेष प्रवेश व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

सर्दियों में दर्शन का समय भी जान लें

सर्दियों में बांके बिहारी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए दो पालियों में खुलते हैं।

  • सुबह: 8:45 बजे से दोपहर 1 बजे तक।

  • शाम: 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक।

दोपहर में मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह है कि वे दर्शन के लिए निकलने से पहले समय और प्रवेश व्यवस्था की जानकारी जरूर ले लें।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सफाई पर जोर

बांके बिहारी मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों, सप्ताहांत और विशेष धार्मिक अवसरों पर भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर की सफाई, प्रवेश और निकास के रास्तों को व्यवस्थित रखना प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती है।

नई व्यवस्था के जरिए समिति सुबह और दोपहर के खाली समय में अनावश्यक प्रवेश रोकना चाहती है। साथ ही VIP दर्शन के लिए पंजीकरण अनिवार्य करने से विशेष प्रवेश पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बात: सामान्य दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को निर्धारित दर्शन समय का पालन करना होगा। सुबह 6 बजे से पहले और दोपहर 4 बजे से पहले सामान्य प्रवेश नहीं मिलेगा। VIP प्रोटोकॉल के तहत आने वालों को गेट नंबर-4 पर पंजीकरण और पर्ची लेनी होगी।