भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से करोड़ों की संपत्ति तक, KPSC के पूर्व चेयरमैन का 35 करोड़ का प्रोजेक्ट ED के निशाने पर
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार और निलंबित KPSC चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार अपने गृह जिले यादगीर में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कॉम्प्लेक्स तैयार करने की योजना बना रहे थे।
इस परियोजना में स्कूल, हॉस्टल, खेल का मैदान, शॉपिंग मॉल और कन्वेंशन हॉल बनाने की तैयारी थी। ED ने यह जानकारी साहूकार और KPSC सदस्य बीवी गीता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान विशेष अदालत के सामने रखी।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस परियोजना के लिए वास्तुशिल्प डिजाइन भी तैयार कराए गए थे। यह कॉम्प्लेक्स कर्नाटक के यादगीर जिले के शाहपुर में साहूकार की पत्नी के नाम पर मौजूद जमीन पर बनाया जाना था।
भर्ती परीक्षा में आंसर-की लीक करने का आरोप
ED की जांच का मुख्य आधार जनवरी 2026 में हुई पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी है। इस परीक्षा के जरिए 400 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों को प्रश्न और सही उत्तर उपलब्ध कराए गए थे।
एजेंसी के मुताबिक, KPSC के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और उनके सहयोगियों के जरिए उम्मीदवारों तक परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पहुंचाई गई। इसके बदले कथित तौर पर लाखों रुपये की रिश्वत ली गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एक स्थान पर बुलाकर प्रश्नों के उत्तर याद करवाए गए थे। ED का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में बिचौलियों और आयोग के कुछ अधिकारियों की भूमिका थी।
10 लाख से 40 लाख रुपये तक रिश्वत लेने का दावा
ED ने अदालत को बताया कि शिवशंकरप्पा साहूकार और KPSC सदस्य बीवी गीता पर नौ उम्मीदवारों को परीक्षा की आंसर-की उपलब्ध कराने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है।
एजेंसी के अनुसार, उम्मीदवारों से कथित तौर पर 10 लाख से 40 लाख रुपये तक की रकम तय की गई थी। साहूकार पर तीसरी रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार के पिता से 20 लाख रुपये की कथित डील में 10 लाख रुपये लेने का आरोप है।
वहीं, बीवी गीता पर पहली रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार से 40 लाख रुपये की कथित डील के तहत 20 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
ये आरोप जांच एजेंसी की ओर से अदालत में रखे गए हैं। अभी इनकी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।
कारोबारी के साथ 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी ने साहूकार और रियल एस्टेट कारोबारी एसपी दयानंद के बीच 10 करोड़ रुपये से अधिक के कथित नकद लेनदेन की भी जानकारी दी है।
ED के मुताबिक, अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 के बीच करीब 4.99 करोड़ रुपये के लेनदेन हुए। साहूकार के आवास पर तलाशी के दौरान एक नोटबुक और कुछ कागजात भी मिले थे। एजेंसी का दावा है कि इनमें भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों और पैसों के लेनदेन से संबंधित जानकारी दर्ज थी।
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पैसों का स्रोत क्या था और क्या इनका संबंध भर्ती घोटाले से अर्जित कथित अपराध की कमाई से है।
जमानत पर अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित
साहूकार और बीवी गीता की जमानत याचिकाओं पर विशेष अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
साहूकार के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत जमानत मिलनी चाहिए। वहीं, ED ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पूरे भर्ती घोटाले और कथित भ्रष्टाचार के नेटवर्क को एक साथ देखकर जांच की जानी चाहिए।
बीवी गीता के वकील ने महिला होने के आधार पर जमानत में विशेष राहत देने की मांग की। ED ने इसका विरोध किया और उनकी कथित भूमिका को गंभीर बताया।
हाईकोर्ट ने SIT जांच का भी दिया आदेश
इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने KPSC भर्ती घोटालों की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र के नेतृत्व में नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि SIT और ED की जांच एक-दूसरे की पूरक होनी चाहिए। कर्नाटक CID को 26 नवंबर तक आरोपपत्र दाखिल करना है।
अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर कितने उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और रिश्वत से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
फिलहाल 35 करोड़ रुपये के स्कूल, मॉल और हॉस्टल प्रोजेक्ट को लेकर ED के दावे जांच का हिस्सा हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में पेश सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।











