पंकज चौधरी का विपक्ष पर हमला, एसटी हसन के श्रीराम वाले बयान पर जताई नाराजगी, लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया जरूरी
महराजगंज। भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने महराजगंज में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की ओर से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर जनता के बीच भ्रम और नकारात्मकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को विपक्ष के इस नैरेटिव का जवाब देने वाला अभियान बताया।
पंकज चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल खड़े करके जनता को गुमराह करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में राजनीतिक सफलता नहीं मिलने पर विपक्ष कभी चुनाव आयोग तो कभी दूसरी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाता है। भाजपा ऐसे मुद्दों पर जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।
लोकतंत्र बचाओ यात्रा को लेकर विपक्ष पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ यात्रा को लेकर कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र के नाम पर जनता के बीच गलत धारणाएं बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, भाजपा इस अभियान के माध्यम से लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका के बारे में जागरूक करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव और मतदान है। राजनीतिक विरोध के नाम पर अराजकता फैलाना या संस्थाओं की छवि खराब करना देशहित में नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देंगे।
एसटी हसन के भगवान श्रीराम पर बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की ओर से भगवान श्रीराम के जन्मस्थान को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी पंकज चौधरी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं की ओर से इस तरह के बयान पहली बार नहीं दिए जा रहे हैं। कोई भगवान श्रीराम के जन्मस्थान का प्रमाण मांगता है तो कोई सनातन धर्म की मान्यताओं और पवित्र मंत्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है।
उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से विपक्ष की सोच और राजनीतिक मंशा सामने आती है।
गौरतलब है कि एसटी हसन का भगवान श्रीराम के जन्मस्थान को लेकर दिया गया बयान अक्टूबर के अंतिम दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इस पर विभिन्न संगठनों ने विरोध जताया था। इसके बाद 3 नवंबर को एसटी हसन ने सफाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम उनके आदर्श हैं और यदि उनकी किसी बात से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
4 नवंबर को गोरखपुर में प्रस्तावित है भाजपा की पदयात्रा
पंकज चौधरी ने महराजगंज में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की। भाजपा की ओर से 4 नवंबर को गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा प्रस्तावित की गई है। इस कार्यक्रम में महराजगंज जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पार्टी की ओर से महराजगंज जिले से करीब 10 हजार लोगों को पदयात्रा में शामिल कराने की तैयारी की गई है। इसके लिए अलग-अलग पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जनता के बीच जाकर विपक्ष को जवाब देगी भाजपा
मीडिया से बातचीत में पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि भाजपा विपक्ष के बयानों और राजनीतिक गतिविधियों का जवाब केवल राजनीतिक मंचों से नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की ओर से जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब तथ्यों के साथ जनता के सामने रखा जाएगा।
उन्होंने विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि देश की धार्मिक मान्यताओं तथा सांस्कृतिक विरासत का सम्मान होना चाहिए। भाजपा इन मुद्दों पर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है पदयात्रा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की इस पदयात्रा को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को जनता के बीच चुनौती देने की तैयारी में है।
महराजगंज में पंकज चौधरी की मीडिया से बातचीत और पदयात्रा की तैयारियों को लेकर हुई सक्रियता से साफ है कि भाजपा इस अभियान को संगठनात्मक स्तर पर व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि इस पदयात्रा के जरिए भाजपा विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में कितनी सफल रहती है।











