बिहार NDA में बढ़ी खींचतान, जेडीयू उम्मीदवारों को हराने वाले दो निर्दलीय MLC भाजपा में शामिल
बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर विधान परिषद चुनाव को लेकर खींचतान सामने आई है। हाल ही में हुए MLC चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उम्मीदवारों को हराने वाले दो निर्दलीय उम्मीदवारों के भाजपा से जुड़ने के बाद सहयोगी दलों के बीच सवाल उठने लगे हैं।
इन दोनों नेताओं के नाम राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी हैं। दोनों ने 23 अक्टूबर को हुए बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के आनंद पुष्कर को हराया, जबकि बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के अभिषेक झा को पराजित किया।
31 अक्टूबर को दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इसके बाद भाजपा की ओर से उनके पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी गई। इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर नाराजगी बढ़ा दी।
आनंद पुष्कर ने भाजपा नेताओं पर उठाए सवाल
सारण शिक्षक सीट से चुनाव लड़ने वाले जेडीयू नेता आनंद पुष्कर ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान NDA के सहयोगी दलों के बीच जिस तरह के तालमेल और समर्थन की बात हुई थी, जमीन पर वैसा सहयोग नहीं मिला।
पुष्कर ने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी और राधा मोहन सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि गठबंधन की बैठकों में जेडीयू उम्मीदवारों के समर्थन के लिए नेताओं और जनप्रतिनिधियों को शिक्षकों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कई नेताओं ने इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता अपने चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम और सरकार के कामकाज का सहारा लेते हैं, तो सहयोगी दल के उम्मीदवारों के चुनाव में वैसा समर्थन क्यों नहीं मिलता?
अभिषेक झा की हार पर भी जेडीयू में नाराजगी
तिरहुत स्नातक सीट पर जेडीयू उम्मीदवार अभिषेक झा की हार के बाद भी पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया। जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि गठबंधन के कुछ नेताओं ने अभिषेक झा के पक्ष में पूरी ताकत से प्रचार नहीं किया।
अभिषेक झा ने भी मतगणना को लेकर सवाल उठाए। उनका दावा था कि करीब 4,700 मत अमान्य कर दिए गए, जिससे उनके चुनाव परिणाम पर असर पड़ा। उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना महाभारत के अभिमन्यु से करते हुए गठबंधन के भीतर सहयोग की कमी का संकेत दिया।
हालांकि, मतों को अमान्य घोषित किए जाने और चुनावी समर्थन से जुड़े इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड अलग-अलग महत्व रखते हैं।
दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में NDA को चार सीटें मिली थीं। इनमें भाजपा ने तीन और जेडीयू ने एक सीट जीती। इसके अलावा दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
राहुल राज ने सारण शिक्षक सीट पर आनंद पुष्कर को 1,815 मतों से हराया था। वहीं, बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक सीट पर जेडीयू के अभिषेक झा को 9,147 मतों से पराजित किया।
इन दोनों की जीत ने जेडीयू के चुनावी प्रदर्शन और गठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल पर चर्चा शुरू कर दी। अब दोनों नेताओं के भाजपा के करीब आने से यह विवाद और बढ़ गया है।
निर्दलीय MLC के भाजपा में शामिल होने पर कानूनी सवाल
दोनों निर्दलीय MLC के भाजपा से जुड़ने के घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। जन सुराज पार्टी के नेताओं ने बिहार विधान परिषद के सभापति रामबचन राय से मुलाकात कर दोनों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।
राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेताओं ने भी दलबदल कानून का मुद्दा उठाया है। उनका तर्क है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधान लागू हो सकते हैं।
दूसरी ओर, भाजपा की ओर से यह कहा गया कि दोनों नेताओं ने पार्टी को समर्थन दिया है। इस मामले में यह अंतर महत्वपूर्ण है कि किसी निर्दलीय सदस्य द्वारा किसी दल को समर्थन देना और औपचारिक रूप से उस दल में शामिल होना कानूनी रूप से अलग स्थितियां हो सकती हैं।
NDA में तालमेल की परीक्षा
बिहार में भाजपा और जेडीयू लंबे समय से गठबंधन में हैं। दोनों दलों के बीच सरकार चलाने के साथ चुनावों में भी आपसी सहयोग की व्यवस्था रही है। लेकिन MLC चुनाव के बाद सामने आए आरोप बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों के समर्थन और चुनावी रणनीति को लेकर मतभेद हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा और जेडीयू के वरिष्ठ नेता इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं। साथ ही निर्दलीय MLC की सदस्यता को लेकर उठे सवालों पर विधान परिषद के सभापति क्या निर्णय लेते हैं।











