Democracy at the Polls

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त, भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने भी दर्ज की जीत

अमेरिका के 2026 मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शुरुआती बढ़त बनाई है। भारतीय मूल की पिया दांडिया और सुहास सुब्रमण्यम ने जीत दर्ज की, जबकि ओहायो में विवेक रामास्वामी पीछे चल रहे हैं।

अमेरिका के ओहायो राज्य में गवर्नर पद का मुकाबला इस चुनाव के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और भारतीय मूल के नेता विवेक रामास्वामी का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से है।

शुरुआती मतगणना में एमी एक्टन ने रामास्वामी पर बढ़त बनाई हुई थी। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों में एक्टन को करीब 54.3 प्रतिशत और रामास्वामी को 42.8 प्रतिशत वोट मिले थे। हालांकि, उस समय लगभग 46 प्रतिशत वोटों की गिनती ही हुई थी और मुकाबले को आधिकारिक रूप से किसी के पक्ष में घोषित नहीं किया गया था।

इसलिए फिलहाल रामास्वामी की हार की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। अंतिम नतीजे के लिए मतगणना पूरी होने का इंतजार करना होगा।

टेक्सास में डेमोक्रेट्स की बड़ी बढ़त, सीनेट सीट पर नजर

टेक्सास में अमेरिकी सीनेट की सीट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको के बीच मुकाबला हुआ। इस सीट को लेकर इसलिए भी चर्चा थी क्योंकि टेक्सास लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है।

शुरुआती मतगणना में टालारिको ने पैक्सटन पर बढ़त बनाई। एक समय उपलब्ध आंकड़ों में टालारिको को 55 प्रतिशत और पैक्सटन को 44 प्रतिशत वोट मिले थे। यह मुकाबला डेमोक्रेट्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां जीत से पार्टी को सीनेट में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिल सकता है।

हालांकि, शुरुआती मतगणना के आधार पर इसे अंतिम जीत घोषित नहीं किया जा सकता।

भारतीय मूल की पिया दांडिया ने जीता चुनाव

इन चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराकर जीत हासिल की।

पिया पहले स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं। उनका चुनाव दक्षिण फ्लोरिडा के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में हुआ, जहां रहने की बढ़ती लागत और आम लोगों की आर्थिक परेशानियां प्रमुख मुद्दे रहे।

उनकी जीत को भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सुहास सुब्रमण्यम ने लगातार दूसरी बार दर्ज की जीत

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भी दोबारा जीत दर्ज की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया।

चुनाव परिणामों के अनुसार, सुब्रमण्यम को 63.16 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 34.66 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। सुहास 2024 में पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य चुने गए थे। इस जीत के साथ वह अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करेंगे।

अरुणा मिलर को भी मिला दोबारा मौका

मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी चुनाव में सफलता हासिल की। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव मैदान में थीं। वेस मूर की दोबारा जीत के साथ अरुणा मिलर का भी दूसरा कार्यकाल तय हुआ।

अरुणा मिलर का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था। अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की भागीदारी के लिहाज से उनकी जीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रो खन्ना और एमी बेरा के नतीजों का इंतजार

कैलिफोर्निया से चुनाव लड़ रहे भारतीय मूल के सांसद रो खन्ना और एमी बेरा के नतीजों पर भी सबकी नजरें हैं। दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा सांसद हैं और दोबारा प्रतिनिधि सभा पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिमी अमेरिका के कुछ राज्यों में मतदान और मतगणना का समय अलग होने के कारण इनके परिणामों का इंतजार किया जा रहा था। इनके अलावा भारतीय मूल के कई अन्य उम्मीदवार भी अलग-अलग राज्यों में चुनाव मैदान में थे।

अमेरिकी कांग्रेस में भी बदल सकता है सत्ता का समीकरण

मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो वर्षों में कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।

शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को कई महत्वपूर्ण सीटों पर सफलता मिली है। उत्तरी कैरोलिना में रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर सीनेट की सीट डेमोक्रेट्स के खाते में पहुंचाई। जॉर्जिया में जॉन ओसॉफ ने भी दोबारा जीत दर्ज की।

हालांकि, सभी सीटों की मतगणना पूरी होने तक सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत का अंतिम समीकरण स्पष्ट नहीं होगा।

भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए अहम चुनाव

2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं की भागीदारी और सफलता खास चर्चा में रही। पिया दांडिया और सुहास सुब्रमण्यम की जीत के साथ अरुणा मिलर का दोबारा चुना जाना भी महत्वपूर्ण रहा।

वहीं, विवेक रामास्वामी के ओहायो में पीछे रहने और टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की बढ़त ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। अंतिम नतीजों के बाद ही यह साफ होगा कि अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन किस दिशा में जाता है।