यूपी के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: राज्य और मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार के आवेदन 10 नवंबर से, जानें कौन कर सकता है अप्लाई
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की आवेदन प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इच्छुक शिक्षक और प्रधानाचार्य 10 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। अंतिम चयन 24 जनवरी 2027 तक किया जाना है। इस बार भी शिक्षकों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों और उनके शैक्षिक योगदान के आधार पर किया जाएगा।
किन शिक्षकों को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार?
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के नियमित शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक आवेदन कर सकेंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए अशासकीय वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पात्र होंगे।
इस तरह दोनों पुरस्कारों के लिए विद्यालय की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग पात्रता तय की गई है। आवेदन करने से पहले शिक्षकों को संबंधित दिशा-निर्देश और सेवा संबंधी शर्तें ध्यान से देखनी होंगी।
10 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवेदन के दौरान शिक्षकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों का विवरण देना होगा। इसके साथ ही पांच मिनट का वीडियो भी अपलोड करना अनिवार्य है। वीडियो में शिक्षक अपने शिक्षण कार्य, विद्यालय में किए गए नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में अपने विशेष योगदान की जानकारी प्रस्तुत कर सकते हैं।
24 जनवरी 2027 तक पूरी होगी चयन प्रक्रिया
शिक्षक पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया अलग-अलग समितियों के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसका निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है:
| चयन प्रक्रिया | निर्धारित तारीख |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन | 10 से 30 नवंबर 2026 |
| जिला स्तरीय जांच और सत्यापन | 1 से 15 दिसंबर 2026 |
| मंडलीय समिति की प्रक्रिया | 16 से 30 दिसंबर 2026 |
| निदेशालय स्तरीय समिति | 31 दिसंबर से 14 जनवरी 2027 |
| अंतिम राज्य स्तरीय चयन | 15 से 24 जनवरी 2027 |
सबसे पहले जिला स्तरीय समिति आवेदन पत्रों की जांच और संबंधित विद्यालयों में स्थलीय सत्यापन करेगी। इसके बाद पात्र शिक्षकों के नाम मंडलीय समिति को भेजे जाएंगे। मंडलीय और निदेशालय स्तर पर समीक्षा के बाद प्रस्ताव राज्य स्तरीय चयन समिति तक पहुंचेंगे। अंतिम चयन इसी समिति द्वारा किया जाएगा।
120 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन
पुरस्कार के लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का मूल्यांकन कुल 120 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें उनके उत्कृष्ट शैक्षिक कार्यों के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, नामांकन बढ़ाने के प्रयास और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
मूल्यांकन में साक्षात्कार के लिए भी 20 अंक निर्धारित हैं। यानी केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिक्षक को अपने काम और विद्यालय में किए गए सुधारों का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
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आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
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आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है।
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उत्कृष्ट कार्यों का विवरण देना जरूरी होगा।
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पांच मिनट का वीडियो अपलोड करना अनिवार्य है।
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पात्रता और सेवा अवधि से जुड़ी शर्तें पूरी होनी चाहिए।
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चयन के दौरान दस्तावेजों और कार्यों का सत्यापन किया जाएगा।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों की नियमित सेवा अवधि और प्रधानाचार्यों की सेवा संबंधी अलग शर्तें भी निर्धारित हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देशों को पढ़ना जरूरी है।
शिक्षकों को मिलेगा उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान का अवसर
राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना है। इसके जरिए उन शिक्षकों को पहचान दी जाती है, जिन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, विद्यालय के विकास और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए हैं।
अब माध्यमिक विद्यालयों के पात्र शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पास आवेदन के लिए 10 से 30 नवंबर तक का समय रहेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने दस्तावेज और उत्कृष्ट कार्यों का विवरण तैयार रखें।











