ओमान के पास भारतीय जहाज पर हवाई हमला, गुजरात के नाविक की मौत; 13 भारतीयों को बचाया गया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक भारतीय मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। इस घटना में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि जहाज पर सवार 13 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। जहाज पर कुल 14 भारतीय नाविक मौजूद थे।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार, 3 नवंबर को इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय झंडे वाला जहाज एमएसवी अल जुसुफी (MSV Al Jusufi) ओमान के तट के पास समुद्र में जा रहा था। इसी दौरान उस पर एक अज्ञात हवाई वस्तु से हमला हुआ।
गुजरात के रहने वाले थे मृतक नाविक
हमले में घायल हुए नाविक की पहचान गुजरात के रहने वाले गंधार नाहिम अजीज के रूप में हुई है। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मृतक नाविक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और प्रभावित नाविकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
ओमान के तटरक्षक बल ने चलाया बचाव अभियान
घटना के बाद ओमान के तटरक्षक बल ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। जहाज पर मौजूद 13 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारत सरकार और ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। इन नाविकों को जरूरी चिकित्सा और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनकी भारत वापसी की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया भी समन्वय के जरिए पूरी की जाएगी।
भारत सरकार ने घटना पर जताई चिंता
इस घटना के बाद भारत ने समुद्र में व्यापारिक जहाजों और आम नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नागरिक कर्मचारियों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भारत ने समुद्री रास्तों पर सुरक्षित आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना बाधा जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया है। ओमान के अधिकारियों को बचाव अभियान में सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया गया है।
पश्चिम एशिया में जहाजों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
ओमान का समुद्री क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यहां से बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज और तेल टैंकर गुजरते हैं। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ने से समुद्री यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल की आपूर्ति और समुद्री परिवहन प्रभावित होने का खतरा रहता है। भारतीय नाविक भी बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं उनके परिवारों और भारत सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
फिलहाल अल जुसुफी पर हुए हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमले में इस्तेमाल की गई हवाई वस्तु की भी पहचान सामने नहीं आई है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी पर नजर
भारत सरकार और ओमान स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित परिवारों तथा बचाए गए नाविकों को सहायता देने में जुटे हैं। सरकार की प्राथमिकता सभी जीवित नाविकों की सुरक्षित भारत वापसी और मृतक के पार्थिव शरीर को परिवार तक पहुंचाना है।
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। अब जांच के जरिए हमले की वजह और जिम्मेदार लोगों की पहचान का इंतजार है।











