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मतदाताओं के अधिकारों पर उठे सवाल, तेजस्वी यादव ने केंद्र और चुनाव आयोग को घेरा

देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। रविवार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की गई। इस रैली को लेकर बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी हो रही है और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के मतदान के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। इसी के विरोध में विपक्षी दल एक मंच पर आए हैं।

तेजस्वी बोले- लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए एकजुट हुए दल

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन की इस महारैली में कई राजनीतिक दल शामिल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान को आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।

तेजस्वी ने कहा कि जिस तरह से वोटों की चोरी हो रही है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, उसके खिलाफ सभी लोग एकजुट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर करने और नागरिकों के अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल देश को बचाने, लोकतंत्र की रक्षा करने और संविधान को सुरक्षित रखने के लिए साथ आए हैं।

ज्ञानेश कुमार पर भी तेजस्वी यादव ने साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से काम करना है, लेकिन उनके अनुसार चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने वाले लोग लंबे समय तक सत्ता में नहीं रह सकते। हालांकि, ये तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

क्या है SIR और वोट चोरी का पूरा मामला?

दरअसल, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की जांच के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को ठीक करना है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई योग्य मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गरीब, मजदूर और दूसरे कमजोर वर्गों के लोगों को मतदान करने में परेशानी हो सकती है।

वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

रामलीला मैदान में जुटे INDIA गठबंधन के नेता

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों समेत कई विपक्षी संगठनों के नेता और कार्यकर्ता पहुंचे।

रैली का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को उठाना था।

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी दोहराई। इसके साथ ही नेताओं ने मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

बिहार से शुरू हुआ विरोध अब राष्ट्रीय मुद्दा बना

तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर बिहार का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि SIR के खिलाफ विरोध की शुरुआत बिहार से हुई थी। अब INDIA गठबंधन के सभी दल मिलकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं।

इससे पहले बिहार में भी विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कई मांगें रखी थीं।

फिलहाल दिल्ली की महारैली के बाद चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।