रामपुर में 20.497 किलो अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, बरेली से पंजाब तक फैले नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सैफनी थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब एक करोड़ रुपये कीमत की 20.497 किलोग्राम अफीम के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक स्कॉर्पियो-N गाड़ी भी बरामद की गई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि अफीम की यह खेप पंजाब पहुंचाई जानी थी। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2 नवंबर 2026 की रात सैफनी थाना क्षेत्र में की गई। बरेली एएनटीएफ यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि एक वाहन के जरिए भारी मात्रा में अफीम की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने बिलारी-शाहबाद मार्ग पर ताजपुर बेहटा गांव के पास शिव धर्मकांटे के नजदीक घेराबंदी की।
इसी दौरान शाहबाद की तरफ से आ रही एक संदिग्ध स्कॉर्पियो-N को रोककर तलाशी ली गई। वाहन की जांच करने पर उसमें रखे चार पैकेटों से 20.497 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर मौजूद तीनों लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
बरेली और पंजाब के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार शर्मा निवासी हडौलिया भोलापुर, थाना कैंट, जिला बरेली, नवीन निवासी बंशीपुर, थाना शाही, जिला बरेली और विपिन कुमार निवासी बूटरकलां, थाना बढ़नी कला, जिला मोगा, पंजाब के रूप में की है।
तीनों आरोपियों के पास से अफीम के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो-N गाड़ी, चार मोबाइल फोन और 6,220 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन की जांच के जरिए तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और उनके संपर्कों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
बरेली के व्यक्ति के कहने पर पंजाब ले जा रहे थे अफीम
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बरेली के एक व्यक्ति के लिए काम करते थे। उसी व्यक्ति के निर्देश पर अफीम की खेप पंजाब पहुंचाने जा रहे थे। पंजाब में पहले से तय एक व्यक्ति को इसकी डिलीवरी दी जानी थी।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पहले भी कई बार पंजाब में अफीम की सप्लाई कर चुके हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस और एएनटीएफ की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब जांच एजेंसियां उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं, जिसके कहने पर आरोपी मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अफीम कहां से लाई गई थी और इस कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं तस्करी नेटवर्क के राज
इस मामले में बरामद किए गए चार मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो सकते हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य डिजिटल जानकारियों की जांच कर सकती हैं। इससे कथित मुख्य सप्लायर, पंजाब में खेप प्राप्त करने वाले व्यक्ति और तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे और अब तक कितनी बार मादक पदार्थों की सप्लाई कर चुके हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी अनुराग सिंह ने दी कार्रवाई की जानकारी
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि बरेली एएनटीएफ यूनिट और रामपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 20.497 किलोग्राम अफीम बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई जारी
रामपुर में हुई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और एएनटीएफ की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। खास बात यह है कि बरामदगी के बाद जांच केवल तीन आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पीछे सक्रिय कथित सप्लायर और पंजाब तक फैले संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों की कोशिश है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।











