FSDA Adulterated Dairy Disposal Operation

हापुड़ में मिलावटखोरों पर FSDA का बड़ा शिकंजा, 1197 किलो पनीर और 16 क्विंटल खोया नष्ट

हापुड़। दीपावली के त्योहार से पहले लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में देर रात से लेकर सुबह तक चले विशेष अभियान में खाद्य विभाग की टीम ने भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर और खोया बरामद कर नष्ट कराया। कार्रवाई के दौरान करीब 1,197 किलोग्राम पनीर और 16 क्विंटल खोया जब्त किया गया। नष्ट कराए गए इन खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 7.39 लाख रुपये बताई गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पनीर को केमिकल इस्तेमाल किए जाने वाले नीले प्लास्टिक ड्रमों में अस्वच्छ परिस्थितियों में भरकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान पनीर में खट्टापन और दुर्गंध भी पाई गई। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरी के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।

नीले केमिकल ड्रमों में भरा मिला 1197 किलो पनीर

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एनएच-9 स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास देर रात एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप को रोककर जांच की। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में पहुंची टीम ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में पनीर मिला।

पनीर को 13 प्लास्टिक ड्रमों में भरकर रखा गया था। इसके अलावा वाहन की फर्श पर भी पनीर रखा हुआ था। जांच में सामने आया कि पनीर को अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित किया गया था। उसमें खट्टापन और दुर्गंध भी आ रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर के दो नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए। इसके बाद शेष 1,197 किलोग्राम पनीर को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबाकर नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित कीमत 4 लाख 18 हजार 950 रुपये बताई गई है।

धौलाना में 16 क्विंटल मिलावटी खोया बरामद

पनीर की खेप पर कार्रवाई के अलावा खाद्य विभाग की टीम ने धौलाना क्षेत्र के लालपुर सौलाना गांव में भी छापेमारी की। यहां बड़े पैमाने पर तैयार किया गया करीब 16 क्विंटल खोया बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में खोया स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP) और वनस्पति के मिश्रण से तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई।

टीम ने मौके से खोये के चार नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए। इसके बाद करीब 16 क्विंटल पूरे स्टॉक को जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर उसमें दबाकर नष्ट करा दिया गया। विभाग के अनुसार नष्ट किए गए खोये की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 20 हजार रुपये है। यह कार्रवाई 4 नवंबर को की गई थी।

दीपावली पर मिठाइयों के जरिए लोगों की सेहत से हो सकता था खिलवाड़

दीपावली के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पनीर और खोये की बड़ी खेप बाजार तक पहुंचने पर लोगों की सेहत के लिए खतरा पैदा हो सकता था। खासकर खोये का इस्तेमाल मिठाइयां बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

खाद्य विभाग की कार्रवाई से इन संदिग्ध खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने पनीर और खोये के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत चल रही कार्रवाई

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से ‘शुद्ध ही शुभ है’ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावटखोरी पर रोक लगाना है।

इसी अभियान के तहत हापुड़ में जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों को खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप

हापुड़ में पनीर और खोये की बड़ी मात्रा में बरामदगी ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ बाजारों में मिठाइयों और पनीर की मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लालच में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं।

खाद्य विभाग की लगातार कार्रवाई से ऐसे कारोबारियों में हड़कंप है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए छापेमारी का अभियान जारी रहेगा और आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।