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जियाउद्दीन रिजवी का बड़ा बयान, ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप, बोले- 2027 में भाजपा की विदाई तय

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की सिकंदरपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ अभियान और विपक्ष की ओर से लोकतंत्र बचाने की मुहिम को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा अब सत्ता से जाने वाली है और उसके नेता हताश तथा निराश हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान की बात तो करती है, लेकिन खुद लोकतांत्रिक मूल्यों और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का सम्मान नहीं करती।

विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए भाजपा को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा के लोकतंत्र बचाओ अभियान पर उठाए सवाल

जियाउद्दीन रिजवी ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने की बात वही लोग कर रहे हैं, जिनकी नीतियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा खुद लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान का सम्मान नहीं कर रही है तो वह लोकतंत्र बचाने की बात कैसे कर सकती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा अब राजनीतिक रूप से कमजोर पड़ रही है और विपक्ष की बढ़ती सक्रियता से परेशान है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सपा विधायक ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों में नाराजगी है और उनके खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है।

रिजवी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और असम जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में कथित गड़बड़ियां आने वाले समय में और स्पष्ट होंगी।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की जांच होने पर जिम्मेदार लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, ये सभी आरोप विधायक ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं। इनके संबंध में किसी निष्कर्ष या दोषसिद्धि की पुष्टि नहीं हुई है।

2027 में भाजपा की विदाई का किया दावा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जियाउद्दीन रिजवी ने कहा कि भाजपा में अब राजनीतिक क्षमता, प्रतिस्पर्धा और जनता का विश्वास पहले जैसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अब जनता के सामने बताने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।

सपा विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है और विपक्ष लगातार मजबूत हो रहा है।

उनके मुताबिक, 2027 का चुनाव प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आएगा और समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।

गोरखपुर की भाजपा रैली को बताया केवल जमावड़ा

गोरखपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर भी जियाउद्दीन रिजवी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में आयोजित भाजपा की रैली कोई बड़ी राजनीतिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह केवल एक जमावड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित रैली को देखकर अपनी ताकत दिखाने के लिए गोरखपुर में कार्यक्रम किया है। रिजवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन की दिल्ली रैली ऐतिहासिक रही है और भाजपा इस तरह के जनसमर्थन की बराबरी नहीं कर सकती।

गौरतलब है कि भाजपा ने 4 नवंबर को गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित की थी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। वहीं, इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी।

चुनाव आयोग और लोकतंत्र को लेकर बढ़ी सियासी तकरार

जियाउद्दीन रिजवी के बयान से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। एक तरफ भाजपा अपनी पदयात्राओं के जरिए विपक्ष पर लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने का आरोप लगा रही है, वहीं समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की नाराजगी और एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवाल भी राजनीतिक बहस का प्रमुख हिस्सा बन गए हैं।

सपा विधायक ने भरोसा जताया कि जनता इन मुद्दों पर अपना फैसला आगामी विधानसभा चुनाव में सुनाएगी। उन्होंने दोहराया कि भाजपा की विदाई तय है और 2027 में प्रदेश की जनता उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।