दीपावली से पहले पुलिस ने लौटाई खुशियां, 243 लोगों को मिले उनके खोए मोबाइल फोन
अमरोहा। दीपावली से पहले अमरोहा पुलिस ने जिले के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर गुम हुए 243 मोबाइल फोन बरामद किए और गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई गई है। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन मिलने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं रहा।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई लोगों ने पुलिस अधीक्षक और बरामदगी अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों का आभार जताया। लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की तकनीकी कार्रवाई से उनके फोन वापस मिल गए।
साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोबाइल बरामदगी अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में मोबाइल फोन गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल और विभिन्न थानों की पुलिस टीमों को मोबाइल बरामद करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
संयुक्त पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और भारत सरकार के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर यानी सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने का काम किया। लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को 243 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली।
पुलिस के मुताबिक, इन सभी मोबाइल फोन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 51 लाख रुपये है। बरामद किए गए फोन अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के हैं। पुलिस ने सभी मोबाइलों की पहचान और आवश्यक सत्यापन के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।
क्या है CEIR पोर्टल, कैसे मिली पुलिस को सफलता?
मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में सीईआईआर पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह दूरसंचार विभाग की ओर से संचालित व्यवस्था है, जिसके माध्यम से मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर की मदद से उसके इस्तेमाल को ट्रैक करने और संबंधित डिवाइस को ब्लॉक कराने की सुविधा मिलती है।
जब किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन खो जाता है तो वह उसकी शिकायत दर्ज कराने के बाद सीईआईआर पोर्टल पर भी जानकारी दे सकता है। मोबाइल का आईएमईआई नंबर दर्ज होने के बाद संबंधित डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति उस फोन में नया सिम कार्ड डालकर इस्तेमाल करने का प्रयास करता है तो तकनीकी जानकारी जांच एजेंसियों तक पहुंच सकती है। इसी तरह की तकनीकी मदद से पुलिस मोबाइल फोन का पता लगाने और उन्हें बरामद करने की कार्रवाई करती है।
अमरोहा पुलिस ने भी इसी तकनीकी व्यवस्था और सर्विलांस की मदद से गुम मोबाइलों को खोजने में सफलता हासिल की।
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जताया आभार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके मोबाइल फोन वापस दिए गए तो वहां खुशी का माहौल दिखाई दिया। कई लोगों के लिए मोबाइल केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि उनके जरूरी दस्तावेजों, फोटो, संपर्क नंबरों और व्यक्तिगत जानकारियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
ऐसे में मोबाइल वापस मिलना उनके लिए आर्थिक राहत के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण रहा। लोगों ने अमरोहा पुलिस की इस पहल की सराहना की।
एसपी ने लोगों से की शिकायत दर्ज कराने की अपील
पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने कहा कि मोबाइल फोन गुम होने पर लोग घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल संबंधित थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल का बिल, आईएमईआई नंबर और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने से पुलिस को उसे ट्रेस करने में मदद मिलती है।
उन्होंने पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुम मोबाइलों की बरामदगी के लिए आगे भी अभियान जारी रखा जाएगा। पुलिस का प्रयास है कि तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके आम लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
दीपावली से पहले पुलिस की पहल बनी चर्चा का विषय
दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले 243 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिलना अमरोहा पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। करीब 51 लाख रुपये कीमत के मोबाइल बरामद कर पुलिस ने न केवल लोगों को आर्थिक राहत दी, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करने का प्रयास किया है।











