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बिहार के विकास में अब विदेशों में बसे बिहारियों की होगी भागीदारी, CM सम्राट चौधरी ने लॉन्च किए दो नए पोर्टल

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों को राज्य के विकास और निवेश से जोड़ने के लिए बिहार फाउंडेशन वेबसाइट और बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 पोर्टल लॉन्च किया। फरवरी 2027 में होगा निवेशक सम्मेलन।

बिहार में निवेश बढ़ाने और देश-विदेश में रहने वाले बिहारियों को अपने गृह राज्य के विकास से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4 नवंबर को बिहार फाउंडेशन की नई वेबसाइट और बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ‘बिहार है तैयार’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई।

पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देश और विदेश में सक्रिय बिहार फाउंडेशन के सभी 55 चैप्टर के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की और बिहार में उद्योग, निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।

क्या है बिहार फाउंडेशन का नया पोर्टल?

बिहार फाउंडेशन की नई वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को अपने राज्य से जोड़ना है। इसके माध्यम से प्रवासी बिहारी राज्य की संस्कृति, विरासत, विकास योजनाओं और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और एकीकृत डेटाबेस की सुविधा होगी। इसके अलावा बिहार फाउंडेशन के अलग-अलग चैप्टर अपनी गतिविधियों, कार्यक्रमों और तस्वीरों की जानकारी भी अपलोड कर सकेंगे। इससे देश और विदेश में रहने वाले बिहारियों के बीच संपर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के पास अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव, तकनीकी ज्ञान, व्यावसायिक संपर्क और निवेश की क्षमता है। इस संसाधन का उपयोग राज्य के विकास में किया जा सकता है।

बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 पोर्टल से निवेशकों को मिलेगी जानकारी

दूसरा पोर्टल बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश के इच्छुक उद्योगपतियों और कारोबारियों को एक डिजिटल मंच उपलब्ध कराना है।

इस पोर्टल के जरिए इच्छुक लोग निवेशक सम्मेलन के लिए पंजीकरण कर सकेंगे। उन्हें कार्यक्रम से जुड़ी ताजा जानकारी और बिहार में उपलब्ध औद्योगिक एवं निवेश के अवसरों का विवरण भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार बिजनेस कनेक्ट का आयोजन फरवरी 2027 में किया जाएगा। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपने-अपने देशों और क्षेत्रों के उद्योगपतियों तथा निवेशकों को इस आयोजन से जोड़ें।

55 चैप्टर को बढ़ाकर 100 करने की तैयारी

बिहार फाउंडेशन के नेटवर्क में फिलहाल कुल 55 चैप्टर सक्रिय हैं। इनमें 31 अंतरराष्ट्रीय और 24 राष्ट्रीय चैप्टर शामिल हैं। सरकार की योजना अगले वित्त वर्ष के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 100 करने की है।

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 इंटीग्रेटेड सेंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। इन केंद्रों के जरिए बिहार से बाहर रहने वाले छात्रों, कामगारों, पेशेवरों और कारोबारियों को सहायता देने के साथ निवेश, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में अमेरिका के न्यूयॉर्क और टेक्सास, थाईलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस, जर्मनी, घाना, युगांडा और भारत के अहमदाबाद चैप्टर के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया।

20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में राज्य में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं और सरकार की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए अगले कुछ महीनों में 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार में करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं और इस दिशा में समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर भी काम हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर नए उद्योग स्थापित किए जाएं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हों।

प्रवासी बिहारियों से राज्य के विकास में योगदान की अपील

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार फाउंडेशन के माध्यम से देश और विदेश में रहने वाले बिहारियों को एक मंच पर लाया जा सकता है। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपने अनुभव, ज्ञान, कौशल और संसाधनों का इस्तेमाल राज्य की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में करने की अपील की।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल निवेश जुटाना नहीं, बल्कि बिहार से बाहर रह रहे विशेषज्ञों, उद्यमियों और पेशेवरों को भी राज्य की विकास यात्रा का हिस्सा बनाना है।

अब इन पोर्टलों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने प्रवासी बिहारी इनसे जुड़ते हैं और उनके सुझाव तथा निवेश प्रस्ताव कितने प्रभावी ढंग से उद्योगों और रोजगार के अवसरों में बदल पाते हैं।