दिल्ली से लखनऊ और आगरा का सफर होगा बेहद तेज, यूपी से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन; जानिए पूरा रूट
उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए रेल यात्रा आने वाले समय में काफी तेज हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर को वाराणसी में इसकी जानकारी दी। इस प्रस्तावित कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर सिर्फ 59 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में करीब 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे।
इस बुलेट ट्रेन रूट में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है। दिल्ली से शुरू होकर यह ट्रेन आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी होते हुए आगे प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी तक जाएगी। इसके बाद इसे गुवाहाटी तक बढ़ाने की योजना है।
दिल्ली से यूपी के शहरों तक कम होगा सफर का समय
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित सफर का समय भी बताया है। उनके अनुसार, इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद कई शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
प्रस्तावित समय के अनुसार:
| रूट | अनुमानित सफर का समय |
|---|---|
| दिल्ली से आगरा | 59 मिनट |
| दिल्ली से कानपुर | 1 घंटा 45 मिनट |
| दिल्ली से लखनऊ | 2 घंटे 12 मिनट |
| लखनऊ से वाराणसी | 1 घंटा 21 मिनट |
| वाराणसी से प्रयागराज | 33 मिनट |
| वाराणसी से पटना | करीब 1 घंटा |
| दिल्ली से वाराणसी | 3 घंटे 33 मिनट |
ये समय परियोजना के पूरा होने के बाद प्रस्तावित यात्रा समय हैं। फिलहाल इस रूट पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू नहीं हुई है।
लखनऊ, कानपुर और अयोध्या को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना में उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। लखनऊ, कानपुर, आगरा, अयोध्या और वाराणसी जैसे शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
इससे नौकरी करने वाले लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
खास तौर पर लखनऊ और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण हो सकती है। अभी ट्रेन से इस दूरी को तय करने में कई घंटे लगते हैं, जबकि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन से यह सफर करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा।
दिल्ली से गुवाहाटी तक पहुंचेगी बुलेट ट्रेन
नॉर्दर्न कॉरिडोर को आगे बढ़ाकर गुवाहाटी तक ले जाने की भी योजना है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बीच तेज रेल संपर्क तैयार हो सकता है।
प्रस्तावित रूट में दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचने की योजना शामिल है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस कॉरिडोर को गुवाहाटी तक बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे दिल्ली और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा आसान होगी।
मेक इन इंडिया के तहत होगा निर्माण
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इसमें देश के इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और स्थानीय कामगारों की भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण में खंभों से लेकर बड़े ढांचे तक भारतीय तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया आम लोगों की पहुंच में रखने की योजना है। उनके मुताबिक इसका किराया हवाई जहाज के टिकट से काफी कम होगा। हालांकि, अभी किराये की आधिकारिक दरें घोषित नहीं की गई हैं।
कब शुरू होगी बुलेट ट्रेन?
प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद अब इस परियोजना को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, अभी पूरे नॉर्दर्न कॉरिडोर के निर्माण की समय-सीमा, कुल लागत, स्टेशनों की अंतिम संख्या और ट्रेन सेवा शुरू होने की तारीख की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में यात्रियों को अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इसकी विस्तृत योजना और निर्माण से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल इतना तय है कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों को तेज रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना है।











